गाने का बोल लिखते समय किन शब्दों से बचें
गाने के बोल लिखते समय कौन से शब्द अटपटे लगते हैं और कौन से अपने आप आ जाते हैं — उदाहरण के साथ।
गाने के बोल लिखते समय सबसे बड़ी गलती होती है — ऐसे शब्द भर देना जो सुनने में भारी लगते हैं। जैसे हर दूसरी लाइन में 'प्यार' और 'दिल'। ये शब्द गलत नहीं हैं, पर जब ज़बरदस्ती आते हैं तो गाना फीका पड़ जाता है। jhoom.baby में आप एक वाक्य लिखते हैं और पूरा गाना बोल और संगीत के साथ मिलता है — पर बोल अच्छे लगें, इसके लिए कुछ शब्दों से बचना ज़रूरी है।
जो शब्द अपने आप आ जाते हैं
कुछ शब्द ऐसे हैं जो सच में बोलचाल में आते हैं, इसलिए गाने में भी सहज लगते हैं। जैसे 'रात', 'सुबह', 'चाय', 'बस', 'फिर', 'अभी', 'यहीं'। ये छोटे शब्द हैं और इनमें अपनी जगह है।
सोचिए — आपकी बहन की मेहंदी है। आप क्या कहेंगे? "कल रात सब तैयारी कर रहे थे, चाची चाय बना रही थीं।" यही भाव गाने में डालिए। 'रात', 'चाय', 'तैयारी' — ये शब्द अपने आप आ गए, ज़बरदस्ती नहीं की।
इसी तरह ऑफिस की विदाई हो या दोस्त का दूसरे शहर जाना — जो शब्द उस पल में आपने सच में बोले होंगे, वही गाने में काम करते हैं। 'जाना', 'छोड़ना', 'फिर मिलेंगे' — ये सहज हैं।
जो शब्द ज़बरदस्ती के लगते हैं
अब आते हैं उन शब्दों पर जो हर गाने में घुस जाते हैं — 'प्यार', 'दिल', 'जान', 'सनम', 'इश्क', 'दीवाना'। ये शब्द खराब नहीं हैं। पर जब आप हर लाइन में इन्हें ठूँस देते हैं, तो गाना असली चीज़ से दूर हो जाता है।
एक उदाहरण देखिए। पहला वर्ज़न:
- मेरा दिल तुझसे प्यार करता है,
- तेरे बिना मेरा दिल रोता है,
- ओ जान, मेरा प्यार ले ले।
इसमें 'दिल' तीन बार और 'प्यार' दो बार आ गया। सुनने में भारी लगता है। अब दूसरा वर्ज़न देखिए, वही भाव, पर ठोस:
- तेरे बाद मेरी चाय ठंडी हो जाती है,
- तेरी कुर्सी पर आज भी कोई नहीं बैठता,
- तेरा नंबर अब भी सेव है मेरे फ़ोन में।
यहाँ 'प्यार' शब्द एक बार भी नहीं आया, पर भाव ज़्यादा महसूस होता है। यही फ़र्क़ है। आप भी यह करके देख सकते हैं — अपनी लाइन लिखिए, फिर 'दिल' और 'प्यार' हटाकर कोई ठोस चीज़ रखिए।
एक आसान तरीका
जब भी लिखें, अपने आप से पूछें — "क्या मैं यह बात किसी को फ़ोन पर ऐसे ही बताता?" अगर जवाब ना है, तो शब्द बदल दीजिए। 'मेरा दिल टूट गया' की जगह 'मैं रात भर सो नहीं पाया' लिखिए। 'तेरा प्यार चाहिए' की जगह 'तेरे साथ बस बैठना है' लिखिए।
ध्यान रखिए, यह मतलब नहीं कि 'प्यार' और 'दिल' कभी इस्तेमाल ही न करें। जब लाइन में सच में ज़रूरत हो और बाकी बोल ठोस हों, तब ये शब्द भी अच्छे लगते हैं। दिक़्क़त तब है जब ये बाकी सब कुछ की जगह ले लेते हैं।
jhoom.baby आपके एक वाक्य से गाना बनाता है। जितने साफ़ और ठोस शब्द आप डालेंगे, उतना ही गाना सुनने में अपना लगेगा।
सुनिए कैसा लगता है
- Invisible String of Love Warm acoustic pop with a Bollywood sing-along lift
- Invisible String of Love contemporary pop ballad with soft acoustic guitar and warm piano
- Nath A Bach Therapy Bollywood pop