दादा-दादी के लिए गाना लिखते समय पुराने शब्द कैसे चुनें
दादा-दादी के लिए गाना बनवाते समय ऐसे पुराने शब्द चुनें जो उन्हें याद आएं और समझ भी आएं।
दादा-दादी के लिए गाना बनवाना एक अलग ही बात है। आप चाहते हैं कि बोल सुनकर उनकी आँखें भर आएं, पर यह भी चाहते हैं कि वे हर लाइन समझें। यहाँ असली काम शब्द चुनने का है। कोई शब्द बहुत पुराना और भारी हो, तो गाना किताब जैसा लगने लगता है। कोई छोटी, रोज़मर्रा की चीज़ आ जाए, तो गाना घर का लगता है। jhoom.baby में आप एक वाक्य लिखते हैं और कुछ ही मिनटों में बोल और संगीत वाला गाना तैयार हो जाता है, जिसे आप सुन, शेयर और डाउनलोड कर सकते हैं।
भारी शब्द और घर के शब्द
पुराने शब्द हमेशा अच्छे नहीं होते। जैसे 'स्मृति', 'अनुभूति', 'संवेदना' — ये शब्द सुनने में ठीक लगते हैं, पर गाने में वे दूर के लगते हैं। दादी को यह नहीं कहना होता कि 'मेरी स्मृतियाँ ताज़ा हैं'। वे कहती हैं, 'अब भी चारपाई पर बैठते ही वही गीत याद आता है।'
इसलिए बोल में वे चीज़ें डालें जो उनके हाथ लगी हैं — चाय की प्याली, आँगन की चारपाई, रेडियो पर बजने वाला पुराना गीत, चूल्हे की आँच, तुलसी का चौरा। ये शब्द पुराने हैं, पर भारी नहीं। बच्चे भी इन्हें समझते हैं, क्योंकि ये घर में अब भी मौजूद हैं।
एक छोटा नुस्खा जो आप आज़मा सकते हैं
गाना बनवाने से पहले एक कागज़ लें और उस पर तीन कॉलम बनाएं। पहले में लिखें वे शब्द जो दादा-दादी रोज़ बोलते हैं — जैसे 'छोरा', 'बहू', 'रोटी का टुकड़ा', 'दुपहरी की नींद'। दूसरे में वे चीज़ें जो उनके कमरे में हैं — पुरानी अलमारी, घड़ी, चश्मा, तुलसी का पौधा। तीसरे में वे गीत या आवाज़ें जो उन्हें पसंद हैं — कोई पुराना फ़िल्मी गीत, मंदिर की घंटी, या गली में बजने वाला हारमोनियम।
अब इन तीनों में से कोई चार-पाँच शब्द चुनकर अपना एक वाक्य बनाएं। जैसे: "दादी, आँगन की चारपाई पर बैठकर तुम्हारी चाय की प्याली और रेडियो का वह पुराना गीत याद आता है।" यही वाक्य jhoom.baby में डालें। बोल में ये शब्द अपने आप आ जाएंगे, और गाना उनके ज़माने का भी लगेगा और आज का भी।
बच्चों के लिए एक लाइन छोड़ दें
पूरा गाना पुराने शब्दों से भर दें, तो बच्चे उसे गुनगुनाना छोड़ देंगे। इसलिए बीच में एक-दो ऐसी लाइनें रखें जो आसान हों और बार-बार दोहराई जा सकें। जैसे 'चाय की प्याली, दादी की नानी' या 'आँगन में धूप, दादा का रूप'। ऐसी लाइनें छोटी होती हैं, तुक मिलती है, और बच्चे उन्हें सुनते ही पकड़ लेते हैं।
ध्यान रखें कि गाना किसी को चिढ़ाने वाला न बने। पुराने शब्दों का मज़ाक नहीं, उनसे अपनापन आना चाहिए। जब दादा-दादी सुनें, तो उन्हें लगे कि यह गाना उनके ही घर का है — किसी और की ज़ुबान का नहीं।
jhoom.baby आपके लिखे वाक्य से बोल और संगीत बनाता है। गाना तैयार होने के बाद आप उसे सुन सकते हैं, परिवार में शेयर कर सकते हैं और डाउनलोड भी कर सकते हैं। शब्द आपके, धुन उसकी।
सुनिए कैसा लगता है
- Kapi Mira Gentle acoustic folk lullaby in English
- Dance Floor Queen (Priya's Birthday Song) Indian pop
- अर्जुन के पाँच मिनट upbeat desi pop