अपना गाना बनाएं

ऑफ़िस की विदाई में साथी के लिए गाना: क्या बोलें और क्या नहीं

ऑफ़िस की विदाई के लिए साथी के गाने में क्या बोलें और क्या नहीं — उनकी पसंद, टीम के मज़ाक और निजता का ध्यान रखते हुए।

किसी साथी का आख़िरी दिन होता है, टीम इकट्ठी होती है, केक कटता है, और फिर किसी को याद आता है — एक गाना बनाते हैं ना? यह आइडिया अच्छा है, लेकिन यहाँ सबसे ज़्यादा गड़बड़ इस बात से होती है कि हम गाने में क्या डालते हैं और क्या नहीं। जो बात चाय पर हँसी में कही जाती है, वही माइक पर गाई जाए तो बात बिगड़ सकती है। इसलिए गाना बनाने से पहले दो मिनट रुक जाइए और सोचिए — यह गाना उनके लिए है या हमारे लिए?

पहले तय करें: गाना किसके बारे में है

विदाई का गाना उस साथी के बारे में होना चाहिए, न कि टीम के अंदर के झगड़ों के बारे में। सबसे आसान तरीका है — उनसे या उनके करीबी दोस्त से पूछ लें कि उन्हें कौन सा गाना, कौन सा स्टाइल पसंद है। कोई बॉलीवुड का पुराना गाना पसंद करता है, कोई पॉप, कोई शास्त्रीय संगीत।

एक ठोस उदाहरण देखिए। मान लीजिए आपकी टीम में रोहित हैं जो पाँच साल से हैं और हर सुबह चाय बनाते हैं, हर शुक्रवार को टीम को चाय पर ले जाते हैं। उनका पसंदीदा गाना है पुराना किशोर कुमार का। तो गाने की शुरुआत ऐसे हो सकती है:

यह सब सच्ची और सबके सामने कहने लायक बातें हैं। इसमें कोई शर्मिंदगी नहीं, कोई खुलासा नहीं।

क्या नहीं डालें — यही असली काम है

अब सबसे ज़रूरी हिस्सा। गाने में कुछ चीज़ें बिल्कुल नहीं डालनी चाहिए, चाहे वे कितनी भी मज़ेदार लगें:

एक आसान नियम याद रखिए: अगर वह बात उनके बॉस के सामने या उनके माता-पिता के सामने नहीं कह सकते, तो गाने में भी मत डालिए। मज़ाक वह होता है जिस पर सब हँसें, वह नहीं जिस पर एक आदमी शर्मिंदा हो।

गाना बनाने का आसान तरीका

अब काम की बात। पहले तीन-चार लाइनें लिखिए — नाम, कितने साल, एक-दो अच्छी आदतें, और एक दुआ। इतना ही काफ़ी है। फिर अपने आइडिया को jhoom.baby पर डालिए — यह आपके एक वाक्य या आइडिया से बोल और संगीत के साथ पूरा गाना बना देता है, कुछ ही मिनटों में। गाना आप सुन सकते हैं, शेयर कर सकते हैं और डाउनलोड भी कर सकते हैं।

जब गाना तैयार हो जाए, तो उसे एक बार अपने किसी भरोसेमंद साथी को सुना दीजिए। अगर वह कहे कि यह ठीक है, तो फिर विदाई के दिन चलाइए। और हाँ, गाना छोटा रखिए — दो मिनट से ज़्यादा का गाना भीड़ के लिए लंबा हो जाता है।

एक और बात। गाना बजाने के बाद उस साथी से ज़रूर पूछिए कि कैसा लगा। कभी-कभी हमें लगता है कि हमने बहुत अच्छा बनाया, लेकिन उन्हें कुछ और पसंद होता। अगली बार के लिए यह बात काम आएगी।

विदाई का गाना असल में एक छोटा-सा तोहफ़ा है। इसे सरप्राइज़ रखिए, पर ऐसा सरप्राइज़ जिसमें उनकी इज़्ज़त बनी रहे। यही सबसे बड़ी बात है।

सुनिए कैसा लगता है